गार्डनर का बहुबुद्धि सिद्धांत

दोस्तों गार्डनर का बहुबुद्धि सिद्धांत CTET, UPTET या किसी भी STET और BTC, BEd तथा डीएलएड के एग्जाम के लिए बहुत ही ज़्यादा मायने रखता है। आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे आखिर क्या है गार्डनर का यह बहुबुद्धि सिद्धांत?

गार्डनर का बहुबुद्धि सिद्धांत

गार्डनर का बहुबुद्धि सिद्धांत

हावर्ड गार्डनर कहते हैं कि हर इंसान में अलग-अलग प्रकार की बुद्धि होती है। ज़रूरी नही सबकी बुद्धि एक सी हो। कोई संगीत में माहिर हो सकता है तो कोई गणितीय और तार्किक क्रियाओं में पारंगत हो सकता है तो कोई किसी भाषा में। गार्डनर ने जो अपना बुद्धि का सिद्धांत दिया इसको इन्होंने आठ क्षेत्रों में बांटा।

गार्डनर के बहुबुद्धि सिद्धांत के अनुसार ये आठ क्षेत्र इस प्रकार हैं-

  1. भाषागत
  2. तार्किक-गणितीय
  3. देशिक
  4. संगीतात्मक
  5. शारीरिक-गतिसंवेदी
  6. अंतर्वैयक्तिक
  7. अन्तः व्यक्ति
  8. प्रकृतिवादी
गार्डनर ने अपनी book फ्रेम्स ऑफ माइंड – द थ्योरी ऑफ मल्टीपल intelligence में अपने बहुबुद्धि सिद्धांत को डिटेल में explain किया है।
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